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मोबाइल्स का Evolution वर्तमान तक कैसे हुआ और यह Epic है

मोबाइल्स का Evolution वर्तमान तक कैसे हुआ और यह Epic है. मोबाइल्स के विकाश को समझने के लिए में अपने जीवन के कुछ अनुभव से आपको बताने की कोशिश कर रहा हूँ. जिससे आप ठीक तरीके से पुराने और नए मोबाइल्स के अंतर को पहचान सके और इसके बारे में जान सके. जब मैं 10 वीं कक्षा में था, तब मेरा 10 वीं कक्षा का स्कूली जीवन चल रहा था.
  • मेरे साथ कुछ दोस्त भी school में पढ़ते थे. कुछ बैक बन्चेर्स स्कूल में मोबाइल फोन लाते थे. तबके मोबाइल फोन स्मार्टफोन नहीं थे बल्कि केवल कीपैड मल्टीमीडिया फोन थे. जैसे की नोकिया, सैमसंग, मोटोरोला के मोबाइल फोन थे. फल सरूप यह है की मोबाइल का इस्तेमाल मोबाइल निर्माताओं ने पहले यह समझा की किस कोण से लोग किस तरह का फ़ोन इस्तेमाल करते हैं. और वो लोग कहाँ पर रहते हैं उनकी खास demand क्या है किसी फ़ोन को लेकर.

मोबाइल्स का विकास कैसे हुआ

मेरे दोस्त उन मोबाइल फोन में music और संगीत भी सुना करते थे जब क्लास चल रही होती थी. जो उनके आगे मेरी सीट हुआ करती थी. तब से मुझे मोबाइल के बारे में और जानकारी मिली. जैसे कि एक बड़ा data card कार्ड उनमें डाला जाता था. जो जितना संभव हो उतना डेटा को स्टोर कर सकता था. इसकी तुलना में, ये डेटा मेमोरी कार्ड बहुत सी चीजों को स्टोर करते थे जिसमें हम अपना मोबाइल में डाटा भरते थें.
  • पहले यहाँ बहुत ही सिमित था जैसे 128MB मेमोरी कार्ड से 512MB मेमोरी कार्ड तक. मोबाइल्स में डाटा डिमांड को देखते हुए आज के फ़ोन्स में यह 4GB से 256GB डाटा तक स्मार्टफोन्स में कम्पनीज द्वारा दिया जाता है. 
  • मेरे पिता ने 2008 में नोकिया का फोन लिया था जो एक मल्टीमीडिया hand set था. इस फोन का मॉडल 6600 था और इस फोन को देखकर मैं मोहित हो गया था. इसका लुक, इसका संगीत, इसका कैमरा, इसकी स्क्रीन. उस समय का यहाँ फ़ोन बहुत बड़ी स्क्रीन वाला होता था जो की केवल 2.3 inch की थी.
  • जिसके पास भी बड़ी स्क्रीन वाला फ़ोन होता था, वह अपने आप को खुसनसीब समझता था. और हर कोई उसकी बड़ी स्क्रीन का मोबाइल फोन देखकर उसको आमिर समझता था. हालाँकि, उस समय तक, फ़ोन की स्क्रीन 2 इंच से 3.5 इंच तक की थी लेकिन लोग उन्हें बड़े स्क्रीन ही मानते थे.

मोबाइल जीवन का Evolution 2000 से शुरू होता है

हालाँकि, मैंने 2000 में ही मोबाइल फोन देखा और चलाया था. जब मेरे पिता ने एक ब्लैक एंड व्हाइट कीपैड फोन लिया. यह शुरुआती डोर के मोबाइल्स थे जिन्होंने मोबाइल  फ़ोन्स के विकाश के में एक अहम भूमिका निभाई. मैं उस कीपैड फ़ोन में गेम खेलता था, लेकिन जल्द ही उसकी बैटरी खत्म हो जाती थी. क्योंकि यह सेकंड हैंड फोन था इसलिए मोबाइल हार्डवेयर डेवलपर्स ने वक्त के साथ फ़ोन्स की बैटरी को भी इम्प्रूव किये है.

1. उनका फोन चार्जर भी ठीक से फोन जैक में प्रवेश नहीं करता था. कभी-कभी मेरे पिता मुझसे फोन को चार्जिंग के लिए insert करने के लिए कहते थे. उसे समय कुछ इस तरह के फ़ोन्स ब्रांड थे जैसे trimbe, classic मोबाइल फोन जो हम उसे करते थे. जिसको हेयर रबर बैंड की मदद से चार्जिंग पर में लगता था. इसे मोबाइल में एक क्रांति करि बदलाव आया जो की आज के wireless चार्जर के रूप में दिखाई देता है.

2. तब मेरे पिता ने नोकिया ब्रांड का 3310 फोन लिया. इसमें मैं snake, पज़ल और स्काई शिप जैसे गेम खेलता था. जो की आज के फ़ोन्स में वर्चुअल, 3D गेम्स, ऑनलाइन गेम प्ले, अच्छे ग्राफ़िक्स गेम्स मिलते हैं. मुझे यह फ़ोन बहुत पसंद आया, मैंने इस फ़ोन का बहुत उपयोग किया. जब पिता घर में में एते तो में इसमें खेल खेलते था.

3. उस टाइम के यह सबसे अच्छे खेल और स्वर थे जिन्होंने मेरा मनोरंजन किया. और नोकिया 1100 में polipholic टून्स भी बजाया, जिसमें sound कोस्टॉमाइज़ भी था, जिससे नयी टून्स को बनाना संगीत रचनाएँ सुनता था. इस प्रवर्ति के कारन फ़ोन्स की साउंड क्वालिटी आज में काफी ठीक हो गयी है. और यहाँ एक बड़ा बदलाव था म्यूजिक लवर्स के लिए जो कही पर भी संगीत के मजे ले सकते है.

4. कुछ साल बाद 2008 में, अपने मोबाइल जीवन में, मैंने नोकिया के 6600 मॉडल लिए, मैं यहां फोन देखकर हैरान था. क्योंकि मैंने देखा कि में पहला मल्टीमीडिया फोन को यूज़ कर रहा हूँ. इसके मुलती फीचर्स को देख कर में बहुत थी हैरान था जो बहुत से काम कर सकते थे. जैसे कलंदर डेट सेट, अलार्म, वॉलपेपर डिज़ाइन, साउंड रिंगटोन्स etc. एक बार जब मेरे पिता दिन में सो रहे थे, तो में उस 6600 फ़ोन मॉडल फोन के साथ साइबर कैफे गए. इस तरह लोगो की चाह को देखते हुए मोबाइल डेवलपर्स ने स्मार्टफोन्स में अनेको फीचर्स प्रदान किये हैं.

5. साइबर कैफे पहुंचने के बाद, मैंने इंटरनेट कैफे में उस व्यक्ति से कहा कि मुझे मोबाइल में गेम्स, गाने, wallpapers डलवाने हैं. मेरी उत्सुकता को देखते हुए, उसने गेम्स, सांग्स, वाल्ल्पपेर्स उस फ़ोन में डालने की कोसिस की. उन्होंने गेम्स, सॉन्ग्स, वीडियो, वॉलपेपर सभी को 32MB मेमोरी कार्ड में compress करके बनाया. और कंप्यूटर सॉफ्टवेयर की मदत से ये मोबाइल वर्जन data को फोन की मेमोरी में डाल दिया जो 3GP, Mp4 या mp3 डेटा हुआ करता था.

6. उस फोन में कुछ वीडियोस चलाने के लिए मल्टीमीडिया प्लेयर को इंस्टॉल करना पड़ता था तभी वीडियोस और म्प३ म्यूजिक चला पते थे. लेकिन आजकल ऐसा नहीं है आज सीधे फ़ोन्स में वीडियोस, वाल्ल्पपेर्स, म्यूजिक को डायरेक्ट कंप्यूटर से डाल कर फ़ोन्स में चला सकते हैं. यहाँ पहले से ही फ़ोन में सब चीजों को सपोर्ट करता है.

Journey सेकंड हैंड फ़ोन to new मोबाइल

में बचपन में नोकिआ मोबाइल में बहुत गेम्स खेला करता था और उसमे गाने भी सुनता था. सुबह जल्दी उठते ही में फोन पर लग जाता था. मेरी मां भी मुझे कई बार डाटती थी क्योंकि मैं स्कूल जाने से पहले फोन को चलता था. इसका आज के योग में यहाँ प्रभाव बना है की आज हम सुबह फ़ोन्स में alarm सेट करते हैं. और कही जाने या किसी वर्क के लिए reminder भी सेट करते हैं.
  • कुछ वर्षों में, मैंने 12 वीं कक्षा में अपना दूसरा handset नोकिया 6600 फोन लिया. मैं किसी भी समय इसको स्कूल ले जाता था लेकिन  स्कूल में किसी को भी फोन लेजाने की मनाही थी. इससे आज के फ़ोन्स में कुछ spy जैसे स्मार्ट फीचर्स विकसित हुए जो काफी हेल्पफुल है. 
  • जब मैं कोलाज में आया और मैंने बीबीए में प्रवेश लिया, तो मैं नोकिया का दूसरा फोन N73 यूज़ करता था. जो किसी दोस्त से मेने सेकंड हैंड फ़ोन लिए था. कुछ टाइम चलने के बाद इसकी स्क्रीन और रियर कैमरा स्लाइड  खराब हो गया था और ठीक से काम नहीं कर रहा था. किसी तरह मैं उसके camera से तस्वीरें लेता और speaker से संगीत सुनता, लेकिन इसके डबल स्पीकर ज़ोरदार संगीत प्रेमियों के लिए बहुत अच्छे थे. मोबाइल evolution में आज म्यूजिक लवर्स के लिए कम्पनीज ने बहुत से एक्सटर्नल devices भी बनाये हैं. जिसकी मदत से आप साउंड quality और लाउडनेस भी भाड़ा सकते हैं.

स्मार्टफोन्स के विकाश के साथ इसका प्रभाव टेक्नोलॉजी पर भी पड़ता है. 

फिर कुछ सैलून बाद मैंने एक नोकिया C7 फोन लिया, जो पूरी तरह से नया और स्मार्ट फीचर्स से लेस्स था. मैं इसके 4.5 इंच स्क्रीन से बहुत प्रभावित था. इसमें कई नए प्रकार के खेल खेले जा सकते थे जो गेमिंग technology की दुनिया में पुराने फ़ोन्स से लेकर नए फ़ोन्स तक क्रन्तिकारी बदलावों से ही उत्पन हुए थे. जिसने आज की टेक्नोलॉजी को प्रभावित किया और लोगों की जिंदगी को social और आसान बनाया. अब लोग अच्छे और बेहतरीन experience का मजा ले रहे हैं. 
  • इन फ़ोन्स में फोटो कैप्चर करके print करके उसको अपने घर, ऑफिस की दीवारों पर भी लगा सकते हैं. जब भी मैं मसूरी या गुच्चुपानी जाता था, मैंने C7 फ़ोन से तस्वीर लेता था. जिसको फ़ोन्स की कम्पनीज के ovi store अप्प्स से edit भी कर सकते थे. आज के समय में आप सीधे मोबाइल ब्रांड स्टोर से कोई भी सुरक्षित apps को install कर सकते हैं और उसका लुफत उठा सकते है. 
  • अब मेरे मोबाइल जीवन में, मुझे कुछ अलग मिल रहा था. जहां पहले मैं कीपैड फोन चलता था और कीपैड फोन खराब होने के बाद, उसको किसी रेपरी शॉप से उसका पत्ता सही करना पड़ता था. अब टचस्क्रीन फोन के टचस्क्रीन खराब होने पर पूरा फ़ोन ही service center देना पड़ता है. दोनों में कोई बदलाव नहीं है अगर फोन टूट गया, तो फोन की स्क्रीन सब कुछ है. लेकिन आज के स्मार्ट फ़ोन्स की स्क्रीन कुछ ज्यादा ही strong हो गयी हे जो gorilla glass जैसी स्क्रीन कम्पनीज द्वारा दी जाती है.

कैसे बिग स्क्रीन comes विद बिग परफॉरमेंस ऑफ़ टेक्नोलॉजी के साथ आती है

में अपने जीवन में कभी कभी सैमसंग के कुछ मॉडल जैसे champ भी यूज़ किया करता था. यह फ़ोन बहुत छोटा था, लेकिन dual सिम के साथ काम पूरा करता था. फिर कुछ समय बाद मैंने माइक्रोमैक्स canvas गोल्ड मॉडल खरीदा, जिसमें 5.5 इंच की स्क्रीन थी. इस तरह कम्पनीज के बीच आज के समय में competition होने पर लोग अलग-अलग कम्पनीज का फ़ोन इस्तेमाल करते हैं. जिसमे लोग अपनी पसंद के अनुसार फ़ोन्स खरीदते हैं.
  • लोग ज्यादा offers के लिए ऑनलाइन मोबाइल शॉपिंग भी करना पसंद करते हैं. जिससे कुछ कम्पनीज जैसे फ्लिपकार्ट, अमेज़न, स्नैपडील, jabong कम्पनीज को अपनी टेक्नोलॉजी में बदलाव करना पड़ा. 2019 में, मैंने ब्लॉगिंग करियर में एक iPhone x खरीदा. जिसे मैं किसी अन्य कारण से खरीद नहीं सकता था. पहली बार, मैंने ए लाखों रुपये का फोन खरीदा, जिसमें मेरे दोनों बैंक खाते खली हो गए. इसतरह मोबाइल फ़ोन्स के विकास में यह अनेको प्रकार के technological बदलाव आये और इसका प्रभाव लोगों पर भी पड़ा. 

Conclusion [ निष्कर्ष ] 

मोबाइल के विकास में कैसे यह पुराने फ़ोन्स की ahem भूमिका थी. जिसके कारन ही आज के स्मार्ट टचस्क्रीन फ़ोन्स का विकाश हुआ. और यह लोगों को काफी पसंद ए जिसे इनकी लाइफ को और आसान बनाया जा सका. यह कुछ मेरे मोबाइल जीवन से जुडी जानकारी थी जो आपको पसंद आई होगी और मोबाइल evolution को समझने में कुछ नया अनुभव मिला होगा. हमें पता चला कि technology बहुत तेजी से बढ़ रही है और हमें समय-समय पर खुद को बदलना होगा. मोबाइल तकनीक को better बनाने के लिए पुराने फ़ोन्स की मासक्त को समझना जरुरी है. यहाँ हमे बताते हैं की आज के स्मार्टफोन्स को कैसे repair और secure बनाया जाये. 

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